जलवायु अनुकूल खेती की ओर बढ़ते कदम- किसानों को मिला आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: कृषि को बदलते मौसम के अनुरूप ढालने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी (सारण) के द्वारा मढ़ौरा प्रखंड अंतर्गत अवारी गांव में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में किसानों को नई और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों की जानकारी दी गई, ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक साबित हुआ है, बल्कि उन्हें आधुनिक और टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया गया है। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस गरमा फसलों की उन्नत खेती ही है। जिसके तहत किसानों को मूंग की सीधी बुवाई, उच्च क्यारी विधि से मक्का की खेती तथा विभिन्न गरमा सब्जियों के उत्पादन की आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
साथ ही उन्होंने जलवायु अनुकूल कृषि की अवधारणा, इसके लाभ और व्यवहारिक उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सही तकनीक अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन संभव है। उन्होंने सीड हब योजना के अंतर्गत दलहनी फसलों के उत्पादन को भी किसानों के लिए लाभकारी बताया। कार्यक्रम में 45 किसानों ने भाग लिया, जिनमें अरुण कुमार सिंह, मीना अरुण, नागमनी प्रसाद, अनिल कुमार वर्मा, उदय सिन्हा, नागेंद्र तिवारी, अवधेश उपाध्याय, विजय उपाध्याय, संत लाल राम, सुरेश राम सहित कई प्रगतिशील किसान शामिल रहे। किसानों ने प्रशिक्षण के दौरान अपने अनुभव साझा किए और नई तकनीकों को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। इस मौके पर कृषि विभाग से किसान सलाहकार छट्ठू कुमार सिंह, सुमन कुमार तिवारी, अखिलेश कुमार राम तथा कृषि विज्ञान केंद्र के टेक्निकल असिस्टेंट मनोज कुमार और तकनीकी सहायक अवनीश पांडेय ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

