अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य नायक सम्मान कार्यक्रम आयोजित
महिलाओं का सशक्तिकरण समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक: डीएमसी
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हीलिंग फील्ड्स फाउंडेशन के तत्वावधान में मांझी प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामुदायिक स्वास्थ्य नायक सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कार्य क्षेत्र में सक्रिय सामुदायिक स्वास्थ्य उद्यमी (सीएचई) दीदियों, आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सीएचई के कार्य से लाभान्वित परिवारों के सदस्य भी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं के योगदान को सम्मानित करना था। सबसे अहम बात यह है कि हीलिंग फील्ड्स फाउंडेशन एक गैर- लाभकारी सामाजिक संस्था है, जो उन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का कार्य कर रही है, जहां मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। संस्था महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य उद्यमी (सीएचई) के रूप में विकसित कर रही है, ताकि वह अपने गांव और समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने के साथ- साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
हीलिंग फील्ड्स फाउंडेशन की क्षेत्र समन्वयक मनीषा ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त सीएचई दीदियां गांवों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देने, लोगों को स्वच्छता और पोषण के प्रति जागरूक करने, किफायती स्वास्थ्य उत्पादों तक पहुंच उपलब्ध कराने तथा प्राथमिक उपचार देने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा बीमारी के लक्षण पहचान कर मरीजों को डॉक्टर से संपर्क कराने और आगे की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में भी वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और झारखंड के चयनित जिलों में 6000 से अधिक महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है। प्रशिक्षित महिलाएं लगभग 82.5 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता पहुंचा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण के महत्व के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
हीलिंग फील्ड्स फाउंडेशन से फील्ड कोऑर्डिनेटर सपना के अनुसार वर्तमान समय में हीलिंग फील्ड्स फाउंडेशन सारण जिले के लगभग 200 से अधिक गांवों में सीएचई दीदियों को स्वास्थ्य संबंधी देखभाल और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन के विषय में प्रशिक्षण देकर सक्रिय रूप से कार्य करा रहा है। प्रशिक्षण के बाद सीएचई दीदियां गांवों में लोगों को संतुलित खान- पान, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसके साथ ही उच्च जोखिम वाले गैर- संचारी रोगों की पहचान, जांच और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने का भी कार्य कर रही हैं। कई मामलों में डॉक्टर कॉल की मदद से मरीजों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने में भी सहायता कर रही हैं। इसी क्रम में संस्था की तीन सीएचई दीदियों चम्पा देवी, गायत्री देवी और पूनम देवी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन तीनों ने अपने गांव में गंभीर रूप से बीमार लोगों को समय पर प्राथमिक उपचार देकर उनकी जान बचाने का सराहनीय कार्य किया है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य नायक सम्मान देकर सम्मानित किया।
मिशन शक्ति की जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) निभा सिंह ने सीएचई दीदियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की सेवाओं से दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ेगी और लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि महिलाएं जागरूक और सशक्त होंगी तो परिवार और समाज दोनों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। इस अवसर पर महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और परिवार व समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएचसी मांझी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोहित कुमार ने कहा कि गांव स्तर के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सीएचई दीदियों के सहयोग से क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता दिखाई देने लगी है और आने वाले समय में सीएचई स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।कार्यक्रम में बीएचएम राम मूर्ति, बीसीएम विवेक कुमार, हीलिंग फील्ड्स फाउंडेशन से फील्ड कोऑर्डिनेटर मनीषा, सपना, अंजली, सरिता, समन्वयक रंजीत कुमार, ऋषिकांत सिंह तथा सहायक कार्यक्रम प्रबंधक अजय सिंह सहित कई स्वास्थ्य कर्मी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

